नन्हे हाथों ने रोपे पौधे, कल की हरियाली संवारने का लिया संकल्प
जब नन्हे हाथ मिट्टी में पौधा लगाते हैं और उसे संभालकर थामते हैं, तो उनकी आंखों की चमक सिर्फ एक पौधा लगाने की खुशी नहीं बताती, बल्कि प्रकृति को सहेजने की एक नई जिम्मेदारी का एहसास भी कराती है। यही छोटे-छोटे संकल्प आगे चलकर बड़े बदलाव की नींव बनते हैं। पेड़ लगाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है उसे बड़ा होने तक संभालना और उसकी रक्षा करना।
इसी सोच के साथ डॉ. क्षमा धोड़पकर फाउंडेशन की ओर से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत 108 दिनों का पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान में शहर के अलग-अलग हिस्सों में पौधे लगाकर लोगों को प्रकृति से जुड़ने और हरियाली को सहेजने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभियान के तहत प्रतिदिन 11 पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है।
इसी कड़ी में शनिवार को अभियान अपने 73वें दिन में प्रवेश कर गया। इस अवसर पर शासकीय स्कूल, किशोर पिपलिया, मिसरोद में विद्यार्थियों और उपस्थितजनों ने पौधारोपण किया। नन्हे हाथों ने मिट्टी में पौधे रोपे और उन्हें सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। बच्चों के लिए यह केवल पौधारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति को करीब से समझने और उसके प्रति जिम्मेदारी महसूस करने का अवसर भी रहा।
परम पूज्य अद्भुत श्री दादा गुरु भगवान जी के पावन आशीर्वाद से कार्यक्रम की शुरुआत गुरु वंदना के साथ हुई। इसके बाद सभी ने प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन का संकल्प लिया।
इस दौरान श्री घनश्याम तिवारी ने अपनी माताजी श्रीमती सुशीला तिवारी के नाम, श्री अमन वर्मा ने श्रीमती मीरा वर्मा के नाम, श्री सौरभ श्रीवास्तव ने श्रीमती प्रभा श्रीवास्तव के नाम, कु. रिया साहू ने श्रीमती सीमा साहू के नाम, श्री आदित्य पटेल ने श्रीमती लता पटेल के नाम, श्री हर्ष कुशवाहा ने श्रीमती राधा कुशवाहा के नाम, श्री निखिल रैकवार ने श्रीमती विमला रैकवार के नाम और कु. साक्षी मीणा ने श्रीमती कमला मीणा के नाम पर पौधारोपण किया।
इन पौधों के साथ बच्चों ने एक ऐसा संदेश भी दिया कि प्रकृति को बचाने की शुरुआत उम्र से नहीं, एक छोटे से संकल्प से होती है।






