आज का पौधा, कल की कई पीढ़ियों के लिए सांसों का सहारा
एक पौधा जब मिट्टी में लगाया जाता है, तो उसकी जड़ें सिर्फ जमीन में नहीं उतरतीं, बल्कि आने वाले समय से भी जुड़ती हैं। आज लगाया गया यही पौधा बड़ा होकर न जाने कितने लोगों को छाया, फल और स्वच्छ हवा देगा। इसी विचार के साथ ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत शासकीय प्राथमिक शाला, सोहागपुर, कोलार रोड में पौधारोपण किया गया।
डॉ. क्षमा धोड़पकर फाउंडेशन की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान में 108 दिनों तक प्रतिदिन 11 पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। 30 सितंबर को स्कूल परिसर में हुए कार्यक्रम में शिक्षकों के साथ बच्चों ने भी पौधे लगाए और उन्हें अपनी माताओं के नाम समर्पित किया।
शाला के प्राचार्य श्री राजा भाई मिश्रा के मार्गदर्शन में हुए कार्यक्रम में शिक्षिका अर्चना तिवारी ने अपनी माताजी विद्यावती तिवारी, शिक्षिका संगीता साहू ने कलावती साहू, छात्रा आराध्या पटेल ने सुनीता पटेल, छात्र आरव मिश्रा ने पूजा मिश्रा और छात्रा इशिका वर्मा ने रेखा वर्मा के नाम पर पौधारोपण किया। इस दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया।
माँ के नाम लगाया गया पौधा इस पहल को एक भावनात्मक अर्थ देता है। जिस तरह मां अपने बच्चों के भविष्य के लिए सोचती है, उसी तरह पेड़ भी आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन का आधार तैयार करते हैं। पौधा आज लगाया जाता है, लेकिन उसका लाभ लंबे समय तक मिलता है।
इसीलिए अभियान में पौधारोपण के साथ संरक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है। पौधा लगाना पहला कदम है, उसे पानी देना, उसकी रक्षा करना और पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करना असली जिम्मेदारी है। स्कूल जैसे स्थानों पर बच्चों की भागीदारी इस संदेश को और मजबूत करती है कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन का काम नहीं, बल्कि आने वाले कल के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।





