नन्हे हाथों ने रोपे पौधे, हरियाली से संवारा आने वाला कल
नन्हे हाथों से जब हरियाली का बीज बोया जाता है, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा और सुंदर भविष्य की उम्मीद पनपती है।” इसी भावना के साथ बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाए। शनिवार को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत शासकीय संजय गांधी माध्यमिक स्कूल, शिवाजी नगर में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। डॉ. क्षमा धोपड़कर फाउंडेशन की ओर से चलाए जा रहे 108 दिनों के इस अभियान के अंतर्गत प्रतिदिन 11 पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है।
कार्यक्रम स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती अर्चना द्विवेदी के मुख्य आतिथ्य एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस दौरान छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। बच्चों ने पौधों की देखभाल करने और अपने आसपास हरियाली बढ़ाने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बचपन से ही प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना और पर्यावरण के प्रति उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराना रहा।
इस अवसर पर शिक्षिका श्रीमती चिंतामणि वर्मा ने अपनी दिवंगत माताजी स्वर्गीय श्रीमती सुंदर बाई वर्मा की स्मृति में पौधरोपण किया। वहीं, श्रीमती भारती रावत ने अपनी माताजी श्रीमती मोहिनी वर्मा, श्रीमती नवनीत चौरसिया ने अपनी माताजी श्रीमती कृष्णा चौरसिया और श्रीमती अंजली मीणा ने अपनी माताजी श्रीमती गेंदा बाई मीणा के नाम पर पौधे लगाए।
नन्हे हाथों से हरियाली का संकल्प
कार्यक्रम ने संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत बचपन से ही की जानी चाहिए। पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उन्हें बड़ा होने तक सहेजना भी जरूरी है। बच्चों के छोटे-छोटे प्रयास भविष्य में बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं। ‘एक पेड़ मां के नाम’ की पहल मातृसम्मान के साथ प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी का भाव भी जगाती है।





