बच्चों को प्रकृति से जोड़ने की पहल, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत विद्यार्थियों ने किया पौधारोपन
पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत बचपन से हो, तो प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी जीवनभर का संस्कार बन सकती है। इसी सोच के साथ डॉ. क्षमा धोपड़कर फाउंडेशन द्वारा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ एवं ‘नर्मदा मिशन’ के तहत 108 दिवसीय पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत प्रतिदिन 11 पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। इसका उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना ही नहीं, बल्कि बच्चों और युवाओं को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाकर पर्यावरण संरक्षण को उनके जीवन का हिस्सा बनाना भी है।
इसी क्रम में 14 अक्टूबर को वार्ड नंबर 74 स्थित शासकीय प्राथमिक शाला, महोली, भोपाल में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। शाला प्राचार्य श्रीमती संध्या गुप्ता के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने अपनी माताओं के नाम पर पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस पहल के माध्यम से बच्चों को समझाया गया कि जिस तरह माँ हमें जीवन और स्नेह देती हैं, उसी तरह प्रकृति भी हमारा पालन-पोषण करती है। ऐसे में प्रकृति की देखभाल करना और उसे हरा-भरा बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में आर्यन वर्मा ने अपनी माताजी श्रीमती सुनीता वर्मा, अंश यादव ने श्रीमती रीना यादव, कृष्णा लोधी ने श्रीमती गीता लोधी, मोहम्मद फैज ने श्रीमती शहनाज़ बी, विवेक साहू ने श्रीमती ममता साहू, रोहित कुशवाहा ने श्रीमती सरोज कुशवाहा, आदित्य मीणा ने श्रीमती ललिता मीणा और हर्षित सेन ने श्रीमती पूजा सेन के नाम पर पौधारोपण किया।
इस अवसर पर हर हेल्थ की ओर से देवरत शर्मा और अमन वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी ने पौधों की नियमित देखभाल और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
बच्चों को छोटी उम्र से ही पौधों का महत्व समझाकर उनमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी विकसित की जा सकती है। जब बच्चे स्वयं पौधा लगाते हैं और उसकी देखभाल करते हैं, तो वे प्रकृति से जुड़ाव महसूस करते हैं। यही जुड़ाव आगे चलकर पर्यावरण संरक्षण की मजबूत नींव बनता है।
एक पौधा माँ के नाम, एक सीख प्रकृति के सम्मान की और एक संकल्प हरित भविष्य का।




