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26, Sep 2026
विसर्जन के बाद छूटी पूजा सामग्री, टीम ने एक घंटे में की सफाई

विघ्नहर्ता गणेश को हमने पूरे उत्साह और भक्ति के साथ विदाई दी, लेकिन क्या हमारी जिम्मेदारी भी विसर्जन के साथ खत्म हो जाती है? गणेश उत्सव के बाद सड़क किनारे और जलस्रोतों के आसपास छूटी पूजा सामग्री, चुनरी, फूल-मालाएं और छोटी-बड़ी मूर्तियां हमें यही सवाल याद दिलाती हैं कि भक्ति के साथ प्रकृति और स्वच्छता की जिम्मेदारी भी हमारी ही है।इसी सोच के साथ शनिवार को सैर सपाटा के पास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। यहां सड़क किनारे और आसपास बिखरी पूजा सामग्री व कचरे को टीम ने करीब एक घंटे में साफ किया। सफाई के दौरान मिली मूर्तियों और पूजा सामग्री को सम्मानपूर्वक एकत्र कर उचित स्थान पर रखा गया, ताकि सड़क और आसपास का क्षेत्र साफ रहे और लोगों की सुरक्षा भी बनी रहे।
डॉ. क्षमा धोड़पकर फाउंडेशन की ओर से 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘स्वच्छता के संकल्प से स्वच्छता के उत्सव तक’ अभियान चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से गांधी जयंती तक आयोजित इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को केवल एक दिन की गतिविधि न रखकर दैनिक आदत और सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में बढ़ावा देना है। ‘मोदी जी से महात्मा तक स्वच्छता की ओर एक संकल्प—स्वच्छ भारत’ थीम के साथ शहरवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
अभियान के तहत वन विहार के चीकू गेट के आसपास भी स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इसमें हेर हेल्थ हॉस्पिटल के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की। टीम ने सड़क किनारे, झाड़ियों और आसपास के हिस्सों से प्लास्टिक, कागज, बोतलें, खाने-पीने की पैकिंग सहित अन्य कचरा एकत्र किया। करीब छह थैले कचरा उठाकर उसे निर्धारित स्थान पर पहुंचाया गया। टीम का कहना था कि सफाई केवल कचरा उठाने तक सीमित नहीं, बल्कि उसे सही जगह पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है, ताकि स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सभी के लिए बना रहे।विघ्नहर्ता गणेश को हमने पूरे उत्साह और भक्ति के साथ विदाई दी, लेकिन क्या हमारी जिम्मेदारी भी विसर्जन के साथ खत्म हो जाती है? गणेश उत्सव के बाद सड़क किनारे और जलस्रोतों के आसपास छूटी पूजा सामग्री, चुनरी, फूल-मालाएं और छोटी-बड़ी मूर्तियां हमें यही सवाल याद दिलाती हैं कि भक्ति के साथ प्रकृति और स्वच्छता की जिम्मेदारी भी हमारी ही है।इसी सोच के साथ शनिवार को सैर सपाटा के पास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। यहां सड़क किनारे और आसपास बिखरी पूजा सामग्री व कचरे को टीम ने करीब एक घंटे में साफ किया। सफाई के दौरान मिली मूर्तियों और पूजा सामग्री को सम्मानपूर्वक एकत्र कर उचित स्थान पर रखा गया, ताकि सड़क और आसपास का क्षेत्र साफ रहे और लोगों की सुरक्षा भी बनी रहे।
डॉ. क्षमा धोड़पकर फाउंडेशन की ओर से 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘स्वच्छता के संकल्प से स्वच्छता के उत्सव तक’ अभियान चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से गांधी जयंती तक आयोजित इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को केवल एक दिन की गतिविधि न रखकर दैनिक आदत और सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में बढ़ावा देना है। ‘मोदी जी से महात्मा तक स्वच्छता की ओर एक संकल्प—स्वच्छ भारत’ थीम के साथ शहरवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
अभियान के तहत वन विहार के चीकू गेट के आसपास भी स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इसमें हेर हेल्थ हॉस्पिटल के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की। टीम ने सड़क किनारे, झाड़ियों और आसपास के हिस्सों से प्लास्टिक, कागज, बोतलें, खाने-पीने की पैकिंग सहित अन्य कचरा एकत्र किया। करीब छह थैले कचरा उठाकर उसे निर्धारित स्थान पर पहुंचाया गया। टीम का कहना था कि सफाई केवल कचरा उठाने तक सीमित नहीं, बल्कि उसे सही जगह पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है, ताकि स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सभी के लिए बना रहे।

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