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1, Oct 2026
आज का पौधा, कल की कई पीढ़ियों के लिए सांसों का सहारा

एक पौधा जब मिट्टी में लगाया जाता है, तो उसकी जड़ें सिर्फ जमीन में नहीं उतरतीं, बल्कि आने वाले समय से भी जुड़ती हैं। आज लगाया गया यही पौधा बड़ा होकर न जाने कितने लोगों को छाया, फल और स्वच्छ हवा देगा। इसी विचार के साथ ‘एक पेड़ माँ के…

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1, Oct 2026
माँ के सम्मान में पौधारोपण, आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली का संकल्प

कहते हैं, आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन का आधार बन सकता है। यह केवल एक पौधा नहीं, बल्कि स्वच्छ हवा, छाया, हरियाली और प्रकृति के संतुलन की उम्मीद है। इसी भावना के साथ डॉ. क्षमा धोड़पकर फाउंडेशन की ओर से चलाया जा रहा ‘एक…

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1, Oct 2026
सफाई कुछ दिनों की नहीं, हर दिन की जिम्मेदारी

है थाम लिया हमने सूरज से ढलना है, सपनों को देनी है नई उड़ान…” इसी जज्बे और जोश के साथ डॉ. क्षमा धोड़पकर फाउंडेशन की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से गांधी जयंती तक स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल कुछ दिनों तक सफाई…

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29, Sep 2026
सिर्फ दिखने वाली नहीं, छिपी गंदगी भी हटाने की पहल

अक्सर हम सफाई करते समय सामने दिखाई देने वाली गंदगी तो हटा देते हैं, लेकिन उन कोनों और हिस्सों को नजरअंदाज कर देते हैं, जहां से गंदगी फैलने की शुरुआत होती है। नतीजा यह होता है कि कुछ समय बाद वही जगह फिर गंदी हो जाती है। स्वच्छता को केवल…

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29, Sep 2026
प्रकृति की रक्षा का संकल्प तभी पूरा होगा, जब स्वच्छता हमारी आदत बने और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना हम सभी की जिम्मेदारी।

स्वच्छता केवल अपने घर और आसपास को साफ रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति, जलधाराओं और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ बनाए रखना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। जब हम अपने आसपास की जगहों को साफ रखने की कोशिश करते हैं, तो यह बदलाव केवल हमारे व्यवहार में नहीं, बल्कि…

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28, Sep 2026
प्रकृति संरक्षण की सीख बचपन से, नन्हे हाथों ने मां के नाम पर लगाए पौधे

प्रकृति के संरक्षण की कोई उम्र नहीं होती, इसकी शुरुआत बचपन से ही की जा सकती है। बच्चों को अगर छोटी उम्र से ही पेड़-पौधों का महत्व समझाया जाए, तो वे न केवल खुद प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी पर्यावरण संरक्षण की सीख…

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27, Sep 2026
पौधा लगाया, अब उसे पेड़ बनाने की जिम्मेदारी

“प्रकृति की रक्षा करना केवल पुण्य का काम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।” भारतीय ऋषि-मुनियों ने सदियों पहले ही प्रकृति को जीवन का आधार माना और उसके संरक्षण का संदेश दिया। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए डॉ. क्षमा धोड़पकर फाउंडेशन की ओर से…

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26, Sep 2026
नन्हे हाथों ने रोपे पौधे, कल की हरियाली संवारने का लिया संकल्प

जब नन्हे हाथ मिट्टी में पौधा लगाते हैं और उसे संभालकर थामते हैं, तो उनकी आंखों की चमक सिर्फ एक पौधा लगाने की खुशी नहीं बताती, बल्कि प्रकृति को सहेजने की एक नई जिम्मेदारी का एहसास भी कराती है। यही छोटे-छोटे संकल्प आगे चलकर बड़े बदलाव की नींव बनते हैं।…

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26, Sep 2026
विसर्जन के बाद छूटी पूजा सामग्री, टीम ने एक घंटे में की सफाई

विघ्नहर्ता गणेश को हमने पूरे उत्साह और भक्ति के साथ विदाई दी, लेकिन क्या हमारी जिम्मेदारी भी विसर्जन के साथ खत्म हो जाती है? गणेश उत्सव के बाद सड़क किनारे और जलस्रोतों के आसपास छूटी पूजा सामग्री, चुनरी, फूल-मालाएं और छोटी-बड़ी मूर्तियां हमें यही सवाल याद दिलाती हैं कि भक्ति…

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26, Sep 2026
आज लगाएंगे वृक्ष, कल पीढ़ियां पाएंगी छांव

आज हम एक वृक्ष लगाएंगे, तो आने वाली पीढ़ियां उसके फल, छांव और स्वच्छ हवा का लाभ उठाएंगी। एक पौधा लगाना केवल प्रकृति को संवारना नहीं, बल्कि भविष्य के लिए जीवन का उपहार देना है।इसी विचार के साथ डॉ. क्षमा धोड़पकर फाउंडेशन की ओर से चलाए जा रहे ‘एक पेड़…