जिस आँगन में पौधे पनपते हैं, वहाँ हरियाली के साथ संवेदनशीलता भी बढ़ती है। माँ के नाम पर लगाया गया पौधा स्नेह का प्रतीक होने के साथ प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी की याद भी दिलाता है।
प्रकृति के प्रति प्रेम और उसकी रक्षा का भाव अगली पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए डॉ. क्षमा धोपड़कर फाउंडेशन की ओर से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ एवं ‘नर्मदा मिशन’ के तहत 108 दिवसीय पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत प्रतिदिन 11 पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। अभियान का उद्देश्य केवल पौधों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि समाज में पर्यावरण के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है। इसी कड़ी में स्कूली बच्चों को पौधारोपण से जोड़कर उन्हें प्रकृति की देखभाल और संरक्षण का महत्व समझाया जा रहा है।
शासकीय प्राथमिक शाला, द्वारका नगर, भोपाल में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में शाला प्राचार्य श्रीमती ममता के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने अपनी माताओं के नाम पर पौधे लगाए। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों ने मातृसम्मान की भावना को प्रकृति की सेवा से जोड़ते हुए हरित भविष्य के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम में आयुष राठौर ने अपनी माताजी श्रीमती कविता राठौर, साक्षी विश्वकर्मा ने श्रीमती सुमन विश्वकर्मा, रोहित अहिरवार ने श्रीमती गीता अहिरवार, अंजली कुशवाहा ने श्रीमती रेखा कुशवाहा, कृष्णा यादव ने श्रीमती लक्ष्मी यादव और निखिल लोधी ने श्रीमती माया लोधी के नाम पर पौधारोपण किया।
इस अवसर पर हर हेल्थ की ओर से सौरभ श्रीवास्तव और अमन वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों की देखभाल करने और उन्हें पनपने के लिए आवश्यक संरक्षण देने का संकल्प लिया।
बच्चों के हाथों से लगाया गया प्रत्येक पौधा उन्हें प्रकृति से जुड़ने और उसके महत्व को समझने का अवसर देता है। जब पर्यावरण संरक्षण की सीख विद्यालय से ही मिलने लगती है, तो वह केवल एक गतिविधि न रहकर जीवन के संस्कारों का हिस्सा बन सकती है। यही सोच इस अभियान को सार्थक बनाती है।


