स्वच्छता की शुरुआत सड़क से, टीम ने वन विहार से सायाजी तक चलाया अभियान
सुबह करीब 6:30 बजे वन विहार के चीकू गेट से सायाजी होटल की ओर जाने वाली सड़क पर आम दिनों से कुछ अलग हलचल थी। डॉ. क्षमा धोड़पकर फाउंडेशन और हेर हेल्थ की टीम हाथों में सफाई का सामान लेकर सड़क किनारे और आसपास के हिस्सों में फैला कचरा समेट रही थी। कहीं प्लास्टिक की बोतलें थीं, तो कहीं खाने-पीने की पैकिंग, कागज और अन्य कचरा। टीम आगे बढ़ती गई और रास्ते में नजर आने वाला कचरा जुटाती गई।
करीब दो घंटे चले इस सफाई अभियान के दौरान सड़क किनारे और झाड़ियों के आसपास छोटी-बड़ी मूर्तियां भी पड़ी मिलीं। टीम ने इन्हें वहां से हटाकर एक स्थान पर एकत्र किया। अभियान का उद्देश्य केवल उस सुबह सड़क को साफ करना नहीं था, बल्कि सार्वजनिक स्थानों की सफाई को रोजमर्रा की जिम्मेदारी से जोड़ना भी था।
डॉ. क्षमा धोड़पकर फाउंडेशन की ओर से 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘स्वच्छता के संकल्प से स्वच्छता के उत्सव तक’ अभियान चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से गांधी जयंती तक चलने वाले इस अभियान की थीम ‘मोदी जी से महात्मा तक स्वच्छता की ओर एक संकल्प—स्वच्छ भारत’ रखी गई है। अभियान के जरिए स्वच्छता को एक दिन की गतिविधि के बजाय दैनिक आदत और सामूहिक जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
अभियान के तीसरे दिन हुए इस सफाई कार्यक्रम में टीम ने सड़क किनारे जमा कचरे के साथ झाड़ियों और सार्वजनिक स्थानों की भी सफाई की। इस दौरान लोगों को यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता सिर्फ कचरा उठाने तक सीमित नहीं है। जिस जगह को साफ किया गया है, वहां दोबारा कचरा न डालना भी उतनी ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। टीम ने प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने और कचरा निर्धारित स्थान पर डालने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया।
अभियान का संदेश साफ है—सार्वजनिक जगहों की सफाई केवल सफाईकर्मियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि वहां आने वाले हर व्यक्ति की भागीदारी से ही स्थायी बदलाव संभव है।








