मातृसम्मान से जुड़ी प्रकृति की सेवा, पौधारोपण कर लिया संरक्षण का संकल्प
पौधे केवल हमें ताजी हवा ही नहीं देते, बल्कि धरती पर जीवन को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। एक पेड़ वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन छोड़ता है, तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है और पक्षियों व अन्य जीवों को आश्रय देता है। पेड़ों की जड़ें मिट्टी के कटाव को रोकने, भूजल संरक्षण और जैव विविधता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। यही वजह है कि पौधारोपण केवल हरियाली बढ़ाने का प्रयास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण तैयार करने की जिम्मेदारी भी है।
इसी सोच के साथ डॉ. क्षमा धोपड़कर फाउंडेशन ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत 108 दिनों तक प्रतिदिन 11 पौधे लगाने का संकल्प लिया है। इस अभियान का उद्देश्य मातृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ ही शहर में हरियाली बढ़ाना और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना है।
इसी क्रम में 8 अक्टूबर को पीपुल्स मॉल स्थित प्रेस्टीज कॉलोनी, भोपाल में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती मधु चौधरी की उपस्थिति और मार्गदर्शन में कॉलोनीवासियों ने पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर श्री अमन वर्मा, श्री सौरभ श्रीवास्तव और श्री आशीष पटेल ने अपनी पूज्य माताजी श्रीमती गीता पटेल के नाम पर पौधारोपण किया। वहीं, श्रीमती रीना राठौर ने अपनी पूज्य माताजी श्रीमती कमला देवी के नाम पर पौधा लगाया।
अभियान का संदेश है कि पौधा लगाना केवल एक दिन का काम नहीं, बल्कि उसे बड़ा होने तक सींचना और उसकी देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है। एक छोटा-सा पौधा आने वाले वर्षों में छाया, स्वच्छ हवा और अनेक जीवों के लिए आश्रय का माध्यम बन सकता है। ऐसे में हर व्यक्ति की छोटी-सी पहल प्रकृति के संरक्षण में बड़ा योगदान दे सकती है।
एक पौधा माँ के सम्मान में, एक संकल्प प्रकृति के संरक्षण के लिए और एक प्रयास आने वाली पीढ़ियों के बेहतर कल के लिए।




