छठे दिन 200 मीटर तक चला सफाई अभियान, कचरा उठाने के साथ दिया स्वच्छता का संदेश
सुबह करीब 6:30 बजे टीम ने सफाई अभियान की शुरुआत की तो सड़क किनारे जगह-जगह प्लास्टिक, कागज, बोतलें और खाने-पीने की पैकिंग बिखरी नजर आई। डॉ. क्षमा धोड़पकर फाउंडेशन और हेर हेल्थ की टीम ने सफाई का सामान संभाला और सड़क किनारे से कचरा समेटते हुए आगे बढ़ी। करीब 200 मीटर क्षेत्र में टीम ने सफाई की और रास्ते में दिखाई देने वाले कचरे को एकत्र किया।
सफाई के दौरान सड़क किनारे और आसपास के हिस्सों में जमा छोटे-बड़े कचरे को हटाया गया। टीम ने झाड़ियों और ऐसे स्थानों की भी सफाई की, जहां आमतौर पर लोग कचरा फेंक देते हैं। करीब दो घंटे चले अभियान में एकत्र कचरे को अलग-अलग कर निर्धारित स्थान तक पहुंचाया गया।
यह अभियान डॉ. क्षमा धोड़पकर फाउंडेशन की ओर से 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलाए जा रहे ‘स्वच्छता के संकल्प से स्वच्छता के उत्सव तक’ अभियान का हिस्सा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से गांधी जयंती तक चल रहे इस अभियान की थीम ‘मोदी जी से महात्मा तक स्वच्छता की ओर एक संकल्प—स्वच्छ भारत’ है। इसका उद्देश्य स्वच्छता को केवल किसी विशेष दिन की गतिविधि के बजाय रोज की आदत और सामूहिक जिम्मेदारी से जोड़ना है।
अभियान के छठे दिन करीब 200 मीटर क्षेत्र की सफाई के दौरान टीम ने लोगों को यह संदेश भी दिया कि किसी स्थान को साफ करना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है उसे दोबारा गंदा न करना। खासतौर पर प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने, कचरा सड़क या झाड़ियों में न फेंकने और निर्धारित स्थान पर ही डालने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया।
अभियान के जरिए टीम का जोर इसी बात पर है कि स्वच्छता केवल सफाई करने तक सीमित न रहे, बल्कि हर व्यक्ति की रोजमर्रा की आदत का हिस्सा बने। सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने की जिम्मेदारी जितनी प्रशासन और सफाईकर्मियों की है, उतनी ही वहां आने-जाने वाले लोगों की भी है।








