स्वच्छता के संकल्प के साथ हर सुबह सफाई, रविवार को भी चला अभियान
डॉ. क्षमा धोड़पकर फाउंडेशन की ओर से ‘स्वच्छता के संकल्प से स्वच्छता के उत्सव तक’ अभियान चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से गांधी जयंती तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य शहर के सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के साथ लोगों में स्वच्छता को लेकर जिम्मेदारी की भावना बढ़ाना है। अभियान के तहत रोज सुबह 6:30 बजे वैन विहार चीकू गेट से होटल सयाजी तक सफाई की जा रही है।
इसी के तहत रविवार को हर्षिणी सोशल वेलफेयर सोसायटी के सहयोग से टीम ने सड़क किनारे और आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर सफाई अभियान चलाया। करीब दो घंटे तक चली सफाई के दौरान टीम ने सड़क किनारे पड़े प्लास्टिक, कागज, बोतलें, फूड पैकेजिंग और अन्य तरह का कचरा एकत्र किया। सफाई के दौरान कई जगह झाड़ियों और सड़क किनारे छोटी-बड़ी मूर्तियां भी पड़ी मिलीं। इन्हें भी एक जगह एकत्र कर हटाया गया।
अभियान के दौरान टीम ने उन जगहों पर भी सफाई की, जहां नियमित रूप से लोगों की आवाजाही रहती है। टीम का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर सफाई बनाए रखना केवल सफाईकर्मियों की जिम्मेदारी नहीं है। लोग खुद कचरा न फैलाएं और इस्तेमाल के बाद प्लास्टिक, बोतल व अन्य सामग्री को निर्धारित स्थान पर डालें, तो शहर को साफ रखने में बड़ा योगदान दिया जा सकता है।
अभियान का संदेश है कि स्वच्छता केवल कचरा उठाने तक सीमित नहीं है। सड़क, पार्क और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के साथ दोबारा वहां कचरा न पहुंचे, यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है। टीम ने लोगों से प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने और कचरे का सही तरीके से निस्तारण करने की अपील की। अभियान के माध्यम से ‘मोदी जी से महात्मा तक स्वच्छता की ओर एक संकल्प—स्वच्छ भारत’ का संदेश भी दिया जा रहा है।






प्रकृति की रक्षा करें, भविष्य सुरक्षित करें।

