जन्माष्टमी के पावन अवसर पर 51वें पौधारोपण दिवस में गूंजा हरियाली का संकल्प
परम पूज्य दादागुरु भगवान जी के मार्गदर्शन एवं गरिमामयी उपस्थिति में जन्माष्टमी के पावन अवसर पर 51वें पौधारोपण दिवस के उपलक्ष्य में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आध्यात्मिक भाव और प्रकृति संरक्षण के संकल्प से जुड़े इस अवसर पर उपस्थितजनों ने पौधे रोपकर पर्यावरण को समृद्ध बनाने का संदेश दिया।
दादागुरु जी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। उनके मार्गदर्शन में आयोजित इस पहल का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित न रहकर प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, पौधों की देखभाल और पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक जिम्मेदारी को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम में डॉ. प्रिया भावे, बंकिम जी, नीतू मेहता मैडम, शिबानी शर्मा, देवव्रत शर्मा, रामेश्वर रघुवंशी, विभूति मिश्रा, नाहिद मैडम, कविता शर्मा, अतुल मिश्रा जी, नेहा ममतानी एवं महेश ममतानी जी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। इसके साथ ही हर्षिणी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के करीब 50 बच्चों और अपना घर के वरिष्ठजनों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
बच्चों से लेकर वरिष्ठजनों तक सभी ने मिलकर पौधारोपण किया और प्रकृति को संवारने के इस प्रयास में अपनी भागीदारी निभाई। विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की सामूहिक सहभागिता ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक व्यक्ति या संस्था का कार्य नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की साझा जिम्मेदारी है।
जन्माष्टमी जैसे पावन अवसर पर किया गया यह पौधारोपण आध्यात्मिक भावना को प्रकृति सेवा से जोड़ने का सुंदर प्रयास रहा। लगाए गए प्रत्येक पौधे के साथ एक ऐसे भविष्य की कल्पना जुड़ी है, जिसमें अधिक हरियाली, स्वच्छ वातावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हों।
यह पहल हमें याद दिलाती है कि एक पौधा लगाना शुरुआत है, उसकी देखभाल करना जिम्मेदारी है और उसे वृक्ष बनते देखना आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी विरासत है।

