पौधा लगाया, अब उसे पेड़ बनाने की जिम्मेदारी
“प्रकृति की रक्षा करना केवल पुण्य का काम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।” भारतीय ऋषि-मुनियों ने सदियों पहले ही प्रकृति को जीवन का आधार माना और उसके संरक्षण का संदेश दिया। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए डॉ. क्षमा धोड़पकर फाउंडेशन की ओर से…

